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लोकमत की कड़ियां - कविताएं Lokmat ki Kadiya

लोकमत की कड़ियों के बंधनो को क्षीण कर मैं पंख तैयार कर सफलता रूपी इन बादलों को पाकर मैं यूं ना हारकर  तोडुंगा मैं उन कड़ियों को जिसने रोका मुझे उड़ान से अपनी बातों अपने प्रभाव अपनी रूढ़िवादी विचार से रह गया हूं मैं अकेला अपने उस निराश विरह में क्योंकि किसी ने कुछ बोला था पुरानी रीति के समक्ष में  मार्ग मेरा था प्रशस्त प्रख्यात पर समय था कुछ अधिक उस समय की विद्यमानता में मार्ग क्षीण करने की कोशिश।  यह मार्ग अर्थहीन है सूखे वृक्ष सम क्षीण है ना करो तो ही सही है कर कर भी सब विहीन है विचार जो थे उनके द्वारा पल पल मुझपर थोपते थे ना चाहु लेना उन्हें मैं पर फिर भी मन में मचलते थे । मुख द्वार से निकले उनके जो कटु शब्द जाल भेद दिया उन्होंने मुझे छोड़ना पड़ा अपना प्रख्यात मार्ग पर अब किसी नवयुवक को मैं नहीं रूकने दूंगा कड़ी रूपी उन जालों में ना अकेला अस्थिर झुकने दुंगा  मार्ग के पग पग को जीणोद्धार सबल सरल करू  नए लोकमत के कार्यो में नव धारा को प्रबल करू  बंधन तोड़ इस पुर जीवन का आगे बढ़ कर योगदान दे दु  इन लोकमत की पुर बेड़ियों को  वृहद विचार कर , मैं भेद दु  जीत हार कर मैं भेद दु मै

लद्दाख की पर्वत - कविता Laddakh ki Parwat - Poem in Hindi

बैठा हूं मैं उस पत्थर पर जो चोटी के ऊपर है दिखे दूर दूर तक यहां से चारों तरफ जो बर्फ ही बर्फ है विशाल विशाल पर्वत यहां पर आनंद लूं मैं यहां बैठकर तुलना करूं मैं किससे इसकी इस लद्दाख की पर्वत पर ।।१।। पहुंच सका ना हर कोई यहां पे कुछ उस शहर में ही रह गए कुछ जो निकले यहां पे सिर्फ प्रसिद्ध जगह पे ही फंस गए फिर कुछ लोगों ने सोचा ऐसे क्यों ना देखें कुछ अनदेखा जैसे उन्होंने ऐसी जगह खोजी जो ना पहले देखा कोई ।।२।। था मैं भी वैसा ही बंदा सोचा देखूं कुछ अनदेखा खोजते खोजते हाथ हो गई पर कुछ ना मिला मुझे अलग खत्म होने वाले थे दिन मेरे करने कि मुझमें थी कुछ ललक क्या मैं कर पाया कुछ हरकत इस लद्दाख पर्वत पर ।।३।। काली रात में एक बत्ती चमकी अंधेरे रास्ते पर हेडलाइट जैसी मिले मुझे एक वृद्ध दादा कहा चलो मेरे संग सखा मैंने भी फिर हामी भर दी दूसरे दिन हमने चढ़ान चढ़ी चढ़ते चढ़ते मुझे थकान लगी ।।४।। अंधेरे रास्तों पर मै ना चढ़ सका पर वो चाढ़े जैसे परिंदा आधी रात को हम वहां पे पहुंचे हालात खराब थी जैसे तैसे मैंने सोचा हमें क्या ही दिखेगा इतना ऊपर क्या ही मिलेग

छत्तीसगढ़ के 50 सबसे रोचक तथ्य

50 सबसे मजेदार तथ्य ( छत्तीसगढ़ ) 1 छत्तीसगढ़ की जनसंख्या लगभग दो करोड़ 94 लाख से भी अधिक है इस बात में रोचक तथ्य यह है कि यह भारत के सबसे छोटे राज्य ( जनसंख्या की दृष्टि से ) सिक्किम से लगभग 43 गुना अधिक है। 😮😮 ✨ 2 छत्तीसगढ़ की स्थापना दिवस 1 नवंबर 2000 लेकिन क्या आप जानते हैं ? छत्तीसगढ़ जिस राज्य से अलग होकर निर्मित हुआ वह राज्य अर्थात मध्य प्रदेश भी अपना स्थापना दिवस 1 नवंबर को ही मनाता है। ✨ 3 साल वनों का द्वीप - क्या आपने कभी सुना है हां यह छत्तीसगढ़ में ही है । छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में साल वनों की अधिकता के कारण इसे साल वनों का द्वीप भी कहा जाता है यह तथ्य आपको कैसा लगा कमेंट कर कर जरूर बताएं 👇🏻👇🏻 ✨ 4 क्या आप जानते हैं भारत के पास भी अपना एक नियाग्रा फॉल है हां यह छत्तीसगढ़ में है । छत्तीसगढ़ के चित्रकूट जलप्रपात को जो बस्तर में स्थित है को भारत का नियाग्रा फॉल कहा जाता है । यदि आप नहीं जानते तो हम आपको बता दें कि नियाग्रा फॉल विश्व का सबसे बड़ा जलप्रपात है । ✨ भारत के सबसे ऊंचा जलप्रपातों की सूची देखने के लिए इस पर क्लिक करें। - Bharat ke sabse b

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विट्ठल स्वामी मंदिर - रोचक जानकारी | Hindi

विट्ठल स्वामी मंदिर पर उत्तम लेख हिंदी में  निर्माण कर्ता - देवराय द्वितीय व कृष्णदेव राय वंश - संगम वंश , तलुव वंश  साम्राज्य - विजयनगर साम्राज्य स्थान - हम्पी बाजार से 2 कि. मी. दुर , हम्पी , कर्नाटक  वर्ष - प्रथम निर्माण 1422 - 1446 ईस्वी द्वितीय निर्माण 1506 - 1529 ईस्वी वास्तुकला - दक्षिण भारत द्रविड़ स्थापत्य शैली  शैली - विजयनगर शैली भारत के कर्नाटक राज्य में स्थित विट्ठल स्वामी मंदिर दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिरों में से एक है इसे विश्व विरासत स्थल की सूची में भी शामिल किया गया है अपनी अद्भुत वास्तुकला , गोपुरम , पत्थर के विशाल रथ और सारेगामा स्तंभों के लिए प्रसिद्ध यह मंदिर पत्थरों से निर्मित है और मूल दक्षिण भारतीय द्रविड़ स्थापत्य कला का प्रतिनिधित्व करती है। तुंगभद्रा नदी के दक्षिणी किनारे पर स्थित खूबसूरत , जटिल नक्काशियां और वास्तुकला युक्त इस मंदिर को कृष्ण देव राय के द्वारा ही इसका वर्तमान रूप प्रदान किया गया । इस मंदिर का प्रथम निर्माण संगम वंश के राजा देवराय द्वितीय ने 1422 ईस्वी से 1446 ईस्वी तक कराया और बाद में कुछ हिस्सों का निर्माण कृष्णदेव राय ने 1509

चार मीनार - रोचक जानकारी | Hindi

चार मीनार पर उत्तम लेख हिंदी में  चारमीनार भारत के तेलंगाना राज्य की राजधानी हैदराबाद में स्थित एक बहुत प्रसिद्ध इमारत या मस्जिद है 48.7 मीटर ( 159.77 फीट ) ऊंची और 20 मीटर ( लगभग 66 फीट ) लंबी यह इमारत हैदराबाद की पहचान है । ग्रेनाइट , चूना पत्थर , मोर्टार और चूर्णित संगमरमर से निर्मित यह सुंदर इमारत इस प्रकार बनाई गई थी कि उस काल में इसके प्रत्येक मेहराब से हैदराबाद शहर के कोनों की झलक मिलती थी । चार मीनार के वास्तुकार मीर मोमिन अस्तराबादी जी थे उन्होंने इसका निर्माण इंडो - इस्लामिक वास्तुकला के सजिया शैली में वर्गाकार कराया और इसमें कई जगह फारसी वास्तुकला के तत्व भी दिखते है । चारों मीनारों के ऊपर नुकीले पत्ती की तरह, एक बल्बनुमा गुंबद की डिजाइन है। कुतुब शाही वंश के पांचवे शासक सुल्तान मुहम्मद क़ुली क़ुतुब शाह ने इसका निर्माण मस्जिद के रूप 1591 ईस्वी में कराया था चार मीनार उर्दू भाषा का शब्द हैं, जिसका अर्थ "चार स्तंभ" होता है हर मीनार अलंकृत मीनार हैं जो भव्य मेहराबों से जुड़ी हुई हैं। माना जाता है कि मोहम्मद कुली ने इस इमारत का निर्माण एक गुप्त वादे के लिए क

All India States location इन हिन्दी In गूगल मैप

भारत के सभी राज्यों की स्थिति Location ( लोकेशन ) गूगल मैप पर India ke sabhi rajyo ka Location Google Map par भारत के सभी राज्यों को जानने के लिए हमें उनके नक्शे या Map को जानना चाहिए और यदि यह मैप गूगल मैप में खुले तो और भी अच्छा होता है इसलिए हमने भारत के सभी राज्यों के गूगल मैप्स के लिंक नीचे दिए हैं जिन्हें छुने पर यह सीधा गूगल मैप पर खुलते है जिसे देखने पर बहुत अच्छा लगता है । राजस्थान Map - indrj Rajasthan https://maps.app.goo.gl/s3dxeYpJ5BpocCaK9 महाराष्ट्र Map - indmh Maharashtra https://maps.app.goo.gl/JTPEft8BKFqPUANo7 नागालैंड Map - indnl Nagaland https://maps.app.goo.gl/Qa6rD9HAzP8BcQvL9 मणिपुर Map - indmn Manipur https://maps.app.goo.gl/EM9cADPPiDmReuMg6 पश्चिम बंगाल Map - indwb West Bengal https://maps.app.goo.gl/SrVvsNTbEnMhTWnH8 तेलंगाना Map - indts Telangana https://maps.app.goo.gl/Hd1tU2f7aHeE59WNA असम Map - indas Assam https://maps.app.goo.gl/JZPicpWqdachqvPv6 त्रिपुरा Map - indtr Tripura https://maps.app.goo.gl/yAKu6MegV

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छत्तीसगढ़ की कला एवं संस्कृति Art and Culture of Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ की महान कला एवं संस्कृति कला , संस्कृति की वाहिका है जिस प्रकार भारत की कला में भिन्नता है उसी प्रकार छत्तीसगढ़ की कला एवं संस्कृति भी बहुआयामी है वनों से आच्छादित व आदिवासी अधिकता के कारण यहां की कला में वनों , प्रकृति , प्राचीन और परम्परा का विशेष स्थान व महत्व है। छत्तीसगढ़ की कला में हमें विभिन्न प्रकार के लोक नृत्य , जातियां , लोक कला , मेले , विभिन्न भाषा , शिल्प और विशेष व्यंजन देखने को मिलते हैं। प्रदेश में यहां के आभूषणों , वस्त्रों का विशेष स्थान है जो यहां की संस्कृति को और प्रभावशाली व समृद्ध बनाती हैं सरल जीवन जीते हुए यहां के लोग अपनी परम्परा , रीति रिवाज और मान्यताओं का पालन करते है। समय-समय पर ऋतुओं , तिथि और त्योहार अनुसार विभिन्न उत्सवों और संस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है प्रत्येक गांव, जिले, क्षेत्र की अपनी अलग मान्यताएं, पहचान व धार्मिक महत्व हैं। माना जाता है कि कला का प्राण है रसात्मकता। रस अथवा आनन्द अथवा आस्वाद्य। कला के द्वारा एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक संस्कृति व परम्पराओं का प्रदान होता है छत्तीसगढ़ की कला जहाँ एक ओर त

Top Ten Best Chhattisgarhi Songs 2021 ( CG song ) , छत्तीसगढ़ के 10 सबसे प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी गाने

छत्तीसगढ़ एक अलग राज्य होने के साथ-साथ इसकी एक अलग फिल्म इंडस्ट्री भी है। जो दिन-प्रतिदिन सफलता के नए आयामों को छू रही है। कोई भी इंडस्ट्री गानों के बिना अधूरी है छत्तीसगढ़ भी इसमें पीछे नहीं है छत्तीसगढ़ ने ऐसे कई गाने दिए हैं जो किसी भी बड़े इंडस्ट्री के गानों को भी टक्कर दे सकती हैं। दिन प्रतिदिन छत्तीसगढ़ी गाने प्रसिद्ध होते जा रहे है और लोग इन्हें सुनना पसंद करते हैं चाहे वह लव सोंग्स हो या डीजे संगीत या कोई और छत्तीसगढ़ी गाने समा बांध देते है। इस लेख में हम छत्तीसगढ़ के Top Ten CG Song के बारे में जानेंगे। 1 . मोला नीक लागे रानी ( 115 M. ) छत्तीसगढ़ का पहला गीत जिसे यूट्यूब पर 100 मिलियन से भी अधिक बार देखा गया “मोला निक लागे रानी” छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध सॉन्ग है आते ही इसने सभी के दिलो में अपनी खास जगह बना ली। Song : Mola Nik Lage Rani YouTube View : 115 M. + Channel : SB MUSIC KORBA Likes : 1.3 Lakh + Singer : Ashok Rajwade , Suman Kurrey 2 . छम छम बाजे पांव के पैरी ( 7 3 M . ) छत्तीसगढ़ी फिल्म आई लव यू का सुपर हिट सॉन्ग “छम छम बाजे पांव

छत्तीसगढ़ के त्यौहार , उत्सव , मेले व स्वादिष्ट पकवान व व्यंजन Art and Culture of Chhattisgarh Part : 2 भाग - दो

विश्व प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ की लोक कला एवं संस्कृति छत्तीसगढ़ के आम जनजीवन का एक अभिन्न अंग है यह लेख “ छत्तीसगढ़ के त्यौहार , उत्सव , मेले व स्वादिष्ट पकवान व व्यंजन Art and Culture of Chhattisgarh Part : 2 भाग - दो ” छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति के वर्णन का भाग 2 है आप छत्तीसगढ़ की कला व संस्कृति पर क्लिक कर कर इसके लेख भाग 1 को पढ़ सकते हैं। इस लेख में छत्तीसगढ़ में बड़े ही धूमधाम से मनाए जाने वाले विभिन्न उत्सवों , प्रमुख मेलों व आयोजनों और स्वादिष्ट पकवानों के बारे में जानकारी दी गई है। छत्तीसगढ़ के उत्सव भारत विभिन्न त्योहारों का देश है जहां अलग-अलग समय और ऋतुओं के अनुसार विभिन्न त्योहार मनाए जाते हैं इसके पीछे कई प्रमुख कारण है जिस प्रकार भारत में त्योहारों की विविधता है उसी प्रकार छत्तीसगढ़ में भी विभिन्न त्योहार मनाये जाते हैं। छेरछेरा - छेरछेरा छत्तीसगढ़ के सबसे प्रमुख त्योंहारों में से एक है जो किसानी काम खत्म होने के बाद फसलों को अपने-अपने घर लाये जाने का प्रतीक है यह त्योहार पोष मास के पूर्णिमा को मनाया जाता है तथा इस त्योहार का अन्य नाम पूष पुन